जैसे-जैसे एआई करियर को नया आकार दे रहा है, NMIMS होराइजन लाया एआई-सक्षम लर्निंग
यह पहल इस बात में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है कि उच्च शिक्षण संस्थान एआई साक्षरता और भविष्य के कौशलों की बढ़ती मांग पर किस तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

POSTED BY : MRUNALI SAKPAL DATED ON 29/06/2026 (9004379946)
मुंबई (NHI.COM) : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जिस तेजी से उद्योगों, नौकरियों और भविष्य के करियर के लिए आवश्यक कौशलों को बदल रहा है, उसे देखते हुए एसवीकेएम के नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) ने ‘NMIMS होराइजन’ (NMIMS Horizon) की घोषणा की है। यह विश्वविद्यालय स्तर की एक ‘फ्यूचर स्किल्स’ (भविष्य के कौशल) पहल है, जिसे छात्रों को एआई-संचालित अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
‘कोर्सेरा’ (Coursera) के सहयोग से विकसित इस पहल के माध्यम से, NMIMS परिसरों के लगभग 40,000 छात्र-उपयोगकर्ताओं को एआई-सक्षम लर्निंग पाथवे (लर्निंग मॉड्यूल), वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्रों और उद्योग-प्रासंगिक कौशल विकास के अवसरों तक पहुँच मिलेगी, जो सीधे उनकी शैक्षणिक यात्रा में शामिल किए जाएंगे।
यह पहल इस बात में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है कि उच्च शिक्षण संस्थान एआई साक्षरता और भविष्य के कौशलों की बढ़ती मांग पर किस तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहाँ एक ओर नियोक्ता तेजी से ऐसे स्नातकों की तलाश कर रहे हैं जो उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ मिलकर काम कर सकें, वहीं NMIMS कई कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम में एआई-सक्षम लर्निंग को शामिल कर रहा है। ‘NMIMS होराइजन’ के माध्यम से, छात्रों को कोर्सेरा पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों तक पहुँच प्राप्त होगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (उभरती प्रौद्योगिकियों) पर केंद्रित पाठ्यक्रमों का एक समूह शामिल है। इन लर्निंग पाथवे को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के पूरक के रूप में तैयार किया गया है, ताकि छात्रों को बदलते उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिल सके।
पारंपरिक ऑनलाइन सर्टिफिकेशन पाठ्यक्रमों के विपरीत, NMIMS में कोर्सेरा के ये लर्निंग पाथवे शैक्षणिक पाठ्यक्रम का एक हिस्सा हैं और छात्र सीखने के अनुभव का एक अनिवार्य घटक (Mandatory Component) हैं। संकाय (फैकल्टी) के मार्गदर्शन में चलने वाली, मूल्यांकन (असेसमेंट) से जुड़ी और विशिष्ट कार्यक्रमों पर आधारित यह पहल छात्रों को प्रमुख विश्वविद्यालयों और उद्योग भागीदारों से वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र प्राप्त करने के साथ-साथ उद्योग-प्रासंगिक कौशल हासिल करने में सक्षम बनाती है।
इस अवसर पर बोलते हुए, एसबीएम, NMIMS की प्रोफेसर और डीन – एकेडमिक्स एंड लर्निंग एक्सपीरियंस, डॉ. चंद्रिमा सिकदर ने कहा:
“आज विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। यह छात्रों को एक ऐसी दुनिया के लिए तैयार करने के बारे में है जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक और डेटा हर पेशे और हर उद्योग को प्रभावित करेंगे। NMIMS में, हम लगातार सीखने के अनुभव को नया रूप दे रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे छात्र तेजी से बदलते कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल, अनुकूलनशीलता और मानसिकता के साथ स्नातक (ग्रैजुएट) हों। NMIMS होराइजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक लर्निंग पाथवे और उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान करता है, जो क्लासरूम लर्निंग को समृद्ध करते हैं और करियर की तैयारी को मजबूत करते हैं।”
NMIMS के प्रोवोस्ट (प्रशासन) डॉ. शरद म्हाइस्कर ने आगे कहा:
“भविष्य के कार्यबल (Workforce) को केवल इस बात से परिभाषित नहीं किया जाएगा कि लोग क्या जानते हैं, बल्कि इस बात से किया जाएगा कि वे कितनी जल्दी सीख सकते हैं, ढल सकते हैं और उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। विश्वविद्यालयों की यह जिम्मेदारी है कि वे उद्योग की जरूरतों से आगे बढ़कर खुद को विकसित करें। NMIMS होराइजन के माध्यम से, हम छात्र अनुभव में एआई साक्षरता, भविष्य के कौशल और वैश्विक शिक्षण के अवसरों को शामिल कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे स्नातक तेजी से तकनीक-संचालित होती दुनिया में नेतृत्व करने और सफल होने के लिए पूरी तरह सुसज्जित हों।”
विश्वविद्यालय भर में तैनात लगभग 40,000 लाइसेंसों के साथ, ‘NMIMS होराइजन’ भारतीय उच्च शिक्षा में सबसे बड़ी विश्वविद्यालय-व्यापी एआई और फ्यूचर स्किल्स लर्निंग पहलों में से एक है। विश्वविद्यालय ने इस पहल को पूरी तरह से वित्तपोषित (Funded) किया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के वैश्विक शिक्षण अवसरों और उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्रों का लाभ उठा सकें।




