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सॉटेफिन भारत लिमिटेड का आईपीओ १६ जुलाई २०२६ से खुलेगा

यह इश्यू ₹10 अंकित मूल्य वाले 48,00,000 तक इक्विटी शेयरों का है। इश्यू का प्राइस बैंड ₹178 से ₹187 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

POSTED BY  : MRUNALI SAKPAL DATED ON : 14/07/2026 (8850212023)

● कुल इश्यू आकार – ₹10 अंकित मूल्य के 48,00,000 तक इक्विटी शेयर
● आईपीओ आकार – ₹89.76 करोड़ (ऊपरी प्राइस बैंड पर)
● प्राइस बैंड – ₹178 से ₹187 प्रति शेयर
● लॉट साइज़ – 600 इक्विटी शेयर (न्यूनतम आवेदन आकार: 2 लॉट अर्थात 1,200 इक्विटी शेयर)

मुंबई (NHI.COM) – रोबोटिक एवं ऑटोमेटेड पार्किंग समाधानों की टर्नकी प्रदाता सॉटेफिन भारत लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) गुरुवार, 16 जुलाई, 2026 को खुलने जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹89.76 करोड़ जुटाने का है। कंपनी के शेयर बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होंगे।

इक्विटी शेयर आवंटन – 

  • क्यूआईबी एंकर पोर्शन – 13,68,000 तक इक्विटी शेयर

  • नेट क्यूआईबी पोर्शन – 9,12,000 तक इक्विटी शेयर

  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स – कम से कम 6,84,000 इक्विटी शेयर

  • इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स – कम से कम 15,96,000 इक्विटी शेयर

  • मार्केट मेकर – 2,40,000 तक इक्विटी शेयर

 

इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग पश्चिम बंगाल के कोलकाता में विनिर्माण सुविधा स्थापित करने हेतु पूंजीगत व्यय, प्रस्तावित नए कार्यालय परिसर के लिए पूंजीगत व्यय, कंपनी की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाएगा।एंकर बोली बुधवार, 15 जुलाई, 2026 को आयोजित होगी। यह इश्यू गुरुवार, 16 जुलाई, 2026 को खुलने जा रहा है और सोमवार, 20 जुलाई, 2026 को बंद होगा।

इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड हैं और रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है।

सॉटेफिन भारत लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री अरूप चौधरी ने कहा, “स्थापना के बाद से सॉटेफिन भारत ने इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के साथ अभिनव ऑटोमेटेड पार्किंग समाधान उपलब्ध कराने पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। हमारा आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो हमें अपनी विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार करने, तकनीकी पेशकशों को मजबूत बनाने और निष्पादन क्षमता को बढ़ाने में सक्षम बनाएगा।

चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, श्री रतिराज तिबरेवाल ने कहा, “इंजीनियरिंग नवाचार और ऑटोमेटेड पार्किंग समाधानों पर सॉटेफिन भारत के फोकस ने कंपनी को एक विशिष्ट और तेजी से बढ़ते बाजार में एक स्केलेबल व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम बनाया है। हमारा मानना है कि यह इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) कंपनी को अपनी विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार करने, निष्पादन क्षमता को मजबूत करने और पूरे भारत में स्मार्ट पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए आवश्यक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा।”

सॉटेफिन भारत लिमिटेड के बारे में:

वर्ष 2012 में स्थापित सॉटेफिन भारत लिमिटेड मैकेनाइज्ड और ऑटोमेटेड पार्किंग समाधानों की प्रदाता कंपनी है। कंपनी पूरे भारत में परिचालन करती है और इसे अपने स्विस प्रमोटर सॉटेफिन एसए, स्विट्जरलैंड का सहयोग प्राप्त है, जो वर्ष 1956 से ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम्स के क्षेत्र में वैश्विक नवोन्मेषक है। सॉटेफिन एसए छह दशकों से अधिक की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के साथ कंपनी के भारतीय कारोबार को मजबूत आधार प्रदान करता है।

कंपनी सिस्टम डिजाइन, विनिर्माण, इंस्टॉलेशन तथा ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) सेवाओं सहित एंड-टू-एंड ऑटोमेटेड पार्किंग समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी अब तक 58 से अधिक परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुकी है और 30 से अधिक परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। ये परियोजनाएं दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे, वाराणसी और तिरुवनंतपुरम सहित भारत के विभिन्न शहरों के साथ-साथ अमेरिका और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी संचालित की जा रही हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी ने ₹11,674.65 लाख का राजस्व, ₹2,983.15 लाख का ईबीआईटीडीए (EBITDA) और ₹1,735.56 लाख का पीएटी (PAT) दर्ज किया।

अस्वीकरण –

इस दस्तावेज़ में दिए गए कुछ कथन, जो ऐतिहासिक तथ्य नहीं हैं, फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स हैं। ऐसे फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स विभिन्न जोखिमों और अनिश्चितताओं के अधीन हैं, जिनमें सरकारी नीतियों या कार्रवाइयों में परिवर्तन, स्थानीय, राजनीतिक अथवा आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव, तकनीकी जोखिम तथा अन्य अनेक कारक शामिल हैं, जिनके कारण वास्तविक परिणाम इन फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स में व्यक्त या निहित अपेक्षाओं से भिन्न हो सकते हैं।ऐसे किसी भी फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स के आधार पर की गई किसी भी कार्रवाई के लिए कंपनी किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगी तथा बाद की घटनाओं या परिस्थितियों के अनुरूप इन फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स को सार्वजनिक रूप से अद्यतन करने का कोई दायित्व स्वीकार नहीं करती।

 

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