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महालक्ष्मी सरस से 1 करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य!

महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में ‘उमेद मॉल’ शुरू किए जाएंगे; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का प्रतिपादन

POSTED BY : ANAGHA  SAKPAL DT. 02/05/2026 📞  9004379946

मुंबई NHI.IN(H) : प्रत्येक जिले की महिलाओं को अधिकारपूर्ण मंच प्रदान करने वाला ‘महालक्ष्मी सरस’ प्रदर्शनी अब एक नए रूप में तैयार हो चुका है और किसी भी वैश्विक स्तर के प्रदर्शनी से प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम बन गया है। इस प्रदर्शनी में केवल सजावट के लिए कंटेनर नहीं लगाए गए हैं, बल्कि ये ‘कंटेनर ऑफ इंडिया’ की संकल्पना पर आधारित हैं। ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे के नेतृत्व में अब तक 50 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार हो चुकी हैं और आने वाले समय में 1 करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह वक्तव्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। वे बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘महालक्ष्मी सरस’ प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

‘महालक्ष्मी सरस विक्री एवं प्रदर्शनी 2026’ का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शुभहस्तों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर ग्रामविकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे , मंत्री मंगल प्रभात लोढा , राज्यमंत्री योगेश कदम की प्रमुख उपस्थिति रही। साथ ही ग्रामविकास एवं पंचायत राज विभाग के मुख्य सचिव एकनाथ डवले (IAS), मुख्य कार्यकारी अधिकारी (उमेद) निलेश सागर (IAS) तथा मुख्य परिचालन अधिकारी निखिल ओस्वाल के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

यदि ‘विकसित भारत’ का सपना साकार करना है, तो देश की ‘नारीशक्ति’ को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना आवश्यक है। जिस क्षण यह नारीशक्ति मानव संसाधन के रूप में देश की अर्थव्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लेगी, उसी क्षण भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु अनेक योजनाएं प्रारंभ की हैं। पिछले दस वर्षों में महाराष्ट्र में ‘उमेद’ एवं ‘मवीम’ के माध्यम से महिला बचत समूहों का व्यापक आंदोलन खड़ा हुआ है, जिससे लाखों महिलाएं जुड़ी हैं। इससे अनेक परिवार लाभान्वित हुए हैं और महिलाओं ने स्वयं के प्रयासों से अपने परिवार को सशक्त बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपेक्षा प्रधानमंत्री मोदी जी ने की थी, उसे महाराष्ट्र की महिलाओं ने साकार कर दिखाया है।

महिलाओं को मिलेगा नर्सरी (रोपवाटिका) प्रशिक्षण
अब तक 50 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और आने वाले कुछ वर्षों में यह संख्या 1 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। महाराष्ट्र इस उपलब्धि को हासिल करने वाला पहला राज्य बने, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में 300 करोड़ वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया गया है। ‘उमेद’ के माध्यम से बचत समूहों को नर्सरी विकसित करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। महिलाएं नर्सरी तैयार करेंगी और वृक्षारोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल का खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इससे महिलाओं को रोजगार और आय दोनों प्राप्त होंगे। इस हेतु विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

महिला बचत समूहों के लिए ‘उमेद मॉल’
ग्रामीण महिलाओं को स्थायी और अधिकारपूर्ण बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 20 जिलों में ‘उमेद मॉल’ स्थापित करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। शेष 16 जिलों में भी शीघ्र ही यह मॉल स्थापित किए जाएंगे। आगामी 5 से 10 वर्षों में प्रत्येक तालुका स्तर पर भी ऐसे मॉल स्थापित करने की योजना है, यह जानकारी ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे ने दी।

महिलाओं को 50 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित; एक रुपया भी बकाया नहीं
मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए मंत्री जयकुमार गोरे ने कहा कि ‘महालक्ष्मी सरस 2026’ के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर यह प्रदर्शनी आयोजित की गई है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह प्रयास किया जा रहा है। राज्य में 64 लाख परिवार इस अभियान से जुड़े हैं, 34 हजार महिला बचत समूह सक्रिय हैं और इन समूहों को 50 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। विशेष बात यह है कि महिलाओं ने यह संपूर्ण ऋण एक भी रुपया बकाया रखे बिना वापस चुकाया है, जिसके लिए उन्होंने महिलाओं की सराहना की।

एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ के लिए दिन-रात प्रयास
मंत्री जयकुमार गोरे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘लखपति दीदी’ संकल्प की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत अब 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति’ बनाने की जिम्मेदारी उनके विभाग को सौंपी गई है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वे दिन-रात कार्य करेंगे।

उन्होंने बताया कि पहले ‘मिनी सरस’ में केवल 100-150 स्टॉल होते थे, लेकिन अब 13 जिलों में ‘फूड मॉल’ स्थापित किए जाएंगे। हमारी महिलाएं अब बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। ऐसा आश्वासन मंत्री जयकुमार गोरे ने दिया।

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