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आधुनिक खूबसूरती और शाही विरासत का अनूठा संगम है संस्कृति जयंना का अहमदाबाद स्थित आलीशान घर

हरे-भरे सजे-संवरे लॉन और शांत फव्वारे के बीच स्थित संस्कृति का यह घर पहली ही नज़र में अपनी भव्यता से मंत्रमुग्ध कर देता है

POSTED BY  : MRUNALI SAKPAL DATED ON 21/07/2026 (8850212023)

Mumbai (NHI.COM) अभिनेत्री, उद्यमी और फैशन डिज़ाइनर संस्कृति जयंना ने हाल ही में Mashable India के लिए अपने खूबसूरत अहमदाबाद स्थित घर के दरवाज़े खोले और दर्शकों को अपने उस आशियाने की झलक दिखाई, जो परंपरा से गहराई से जुड़ा होने के साथ-साथ आधुनिक लग्ज़री का भी बेहतरीन उदाहरण है। यह सिर्फ़ एक आलीशान हवेली नहीं, बल्कि उनके परिवार की विरासत का जीवंत प्रतीक है, जो पीढ़ियों से संजोई गई धरोहरों, हाथों से तैयार की गई बारीक कलाकृतियों और परिवार को साथ जोड़ने वाले खूबसूरत स्थानों से सजा हुआ है। इस घर का हर कमरा अपनी एक अलग कहानी कहता है, जहाँ भारतीय विरासत और सादगी भरी शान का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है। एक ऐसा घर, जो किसी शाही महल से कम नहीं

हरे-भरे सजे-संवरे लॉन और शांत फव्वारे के बीच स्थित संस्कृति का यह घर पहली ही नज़र में अपनी भव्यता से मंत्रमुग्ध कर देता है। प्रवेश द्वार (फोयर) पर भगवान विष्णु और देवी सरस्वती की आकर्षक तस्वीरें हैं, जिन्हें संस्कृत श्लोकों और बेहद सोच-समझकर चुनी गई सजावट से सजाया गया है। यह पूरा दृश्य किसी शाही हवेली की भव्यता का एहसास कराता है।

इसके बाद घर का विशाल डबल-हाइट लिविंग एरिया खुलता है, जिसके केंद्र में एक भव्य एट्रियम (आंगन) है। यह न केवल प्राकृतिक रोशनी से पूरे स्थान को भर देता है, बल्कि इसकी विशालता और भव्यता को भी और निखारता है। छत से लटका शानदार झूमर इस स्थान का मुख्य आकर्षण है, जबकि छत पर बनी पारंपरिक भारतीय कला से प्रेरित फूलों और ज्यामितीय डिज़ाइनों वाली बारीक चित्रकारी इसकी सुंदरता को और बढ़ा देती है।

घर की एक पूरी दीवार परिवार की यादों को समर्पित है, जहाँ पारिवारिक तस्वीरों और कलाकृतियों को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। यह दीवार पूरे घर में अपनापन और गर्मजोशी का एहसास कराती है। नक्काशीदार प्राचीन लकड़ी के दरवाज़े, धातु की खूबसूरत ज़ंजीरों से लटका पारंपरिक भारतीय झूला, पीतल की कलाकृतियाँ और विंटेज लालटेन इस घर की कालातीत खूबसूरती को पूरा करते हैं।

विरासत और शिल्पकला का शानदार मेल है डाइनिंग रूम रुझानों का अनुसरण करने के बजाय, इस घर का डाइनिंग एरिया शिल्पकला और पारिवारिक विरासत का उत्सव मनाता है। आठ लोगों के बैठने योग्य हाथों से तैयार की गई ठोस लकड़ी की डाइनिंग टेबल इस कमरे का केंद्र है, जिसके चारों ओर पीढ़ियों से संजोई गई एंटीक वस्तुएँ और कलाकृतियाँ सजी हुई हैं। नीले, हरे और पीले रंग के आकर्षक प्लेसमैट इस स्थान में आधुनिकता का रंग भरते हैं, जिससे यह कमरा एक साथ सुकूनभरा, आत्मीय और बेहद शानदार महसूस होता है। जहाँ प्रकृति और विरासत का खूबसूरत संगम होता है

घर का बाहरी हिस्सा भी उतना ही आकर्षक है। यहाँ हरियाली से घिरे कई आरामदायक बैठने के स्थान हैं, जो सुकून के कुछ पल बिताने के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं। काँच से ढका एक खूबसूरत बैठने का क्षेत्र परिवार को हर मौसम में प्रकृति का आनंद लेने का अवसर देता है, खासकर बारिश के मौसम में। पेड़ों, रंग-बिरंग

फूलों और सुंदर फव्वारे से घिरा विशाल लॉन घर के भीतर की शांति को बाहर तक विस्तार देता है। घर का हर कोना इस तरह बनाया गया है कि वह प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखते हुए पारिवारिक परंपराओं की गर्मजोशी को भी संजोए रखे।

संस्कृति जयंना का अहमदाबाद स्थित घर सिर्फ़ वास्तुकला का एक शानदार नमूना नहीं है, बल्कि विरासत, उत्कृष्ट शिल्पकला और अनमोल पारिवारिक यादों का एक खूबसूरत उत्सव भी है। बिना किसी दिखावे के अपनी शालीनता से भरपूर यह घर उन मूल्यों और विरासत को बखूबी दर्शाता है, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी उनके परिवार को आकार दिया है।

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