3 जून को खुलेगा सीएमआर ग्रीन का आईपीओ! कोई नया शेयर नहीं होगा जारी
वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में यह सालाना आधार पर 838.5 करोड़ के घाटे से 155 करोड़ के मुनाफे में आ गई।

POSTED BY : MRUNALI SAKPAL DATED ON 31/05/2026 ( 8850212023 )
मुंबई ( NHI.COM ) : नॉन-फेरस मेटल रिसाइकलर सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज आईपीओ (CMR Green Technologies IPO) ला रही है। इसका पब्लिक सब्सक्रिप्शन अगले हफ्ते 3 जून को खुलेगा और हेग्जागन न्यूट्रिशन (Hexagon Nutrition) के अलावा यह दूसरा आईपीओ होगा जिसमें निवेशक अगले हफ्ते पैसे लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए यह एक दिन पहले 2 जून को खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) का होगा यानी कि इसके तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा और कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिलेगा।
इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स और एक पब्लिक शेयरहोल्डर ग्लोबल स्क्रैप प्रोसेसर्स शेयर बेचेंगे। 27 मई को कंपनी ने जो RHP (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइल किया है, उसके मुताबिक प्रमोटर्स की कंपनी में 86.95% हिस्सेदारी है और ग्लोबल स्क्रैप प्रोसेसर्स के पास इसके 2.85 करोड़ शेयर (13.05% हिस्सेदारी) हैं। सीएमआर ग्रीन टेक का आईपीओ 3 जून को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 5 जून तक खुला रहेगा। इसमें 3.28 करोड़ शेयरों की प्रमोटर्स और निवेशक ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री करेंगे।


इसमें से 2.5 करोड़ शेयर कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित रखे गए हैं जिन्हें शेयर डिस्काउंट पर दिए जाएंगे। इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स मोहन अग्रवाल, गौरी शंकर अग्रवाल एचयूएफ और मोहन अग्रवाल एयचूएफ 64.59 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे तो निवेशक ग्लोबल स्क्रैप प्रोसेसर्स 2.6 करोड़ शेयर बेचेगी। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 8 जून को फाइनल होगा, जिसके बाद बीएसई और एनएसई पर 10 जून को शेयरों की एंट्री होगी।

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज इनगॉक्ट और लिक्विड फॉर्म में रीसाइकल्ड एल्युमिनियम एलॉय, जिंक एलॉय इनगॉट, ड्रॉस के साथ-साथ स्टेनलेस स्टील, कॉपर, ब्रास, जिंक, लेड और मैग्नीशियम के फर्नेस-रेडी स्क्रैप बनाती है। कंपनी के दावे के मुताबिक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के हिसाब से यह देश की बड़ी नॉन-फेरस मेटल रिसाइकलर में शुमार है और देश के सेकंडरी एलुमिनियम मार्केट में रेवेन्यू के हिसाब से सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी की लिस्टेड पियर्स पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स , ग्रेविटा इंडिया , बहेती रिसाइकलिंग इंडस्ट्रीजऔर जैन रिसोर्स रिसाइकलिंग हैं।
वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में यह सालाना आधार पर 838.5 करोड़ के घाटे से 155 करोड़ के मुनाफे में आ गई। वित्त वर्ष 2024 में यह 1239.6 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस के चलते घाटे में थी। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 12% बढ़कर 6666.5 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे 162.3 करोड़ का रेवेन्यू और 6,275.5 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ था।




