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ऐसवेक्टर लिमिटेड का इक्विटी शेयरों का आईपीओ 25 सितंबर 2026 को खुलेगा

आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹1 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए ₹30 से ₹32 तय किया गया है।

POSTED BY  : MRUNALI SAKPAL DATED ON  : 22/09/2026 (8850212023) 📞
  • प्राइस बैंड ₹1 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए ₹30 से ₹32 तय किया गया है।
  • आईपीओ 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को खुलेगा और 29 सितंबर 2026 (मंगलवार) को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 24 सितंबर 2026 (बृहस्पतिवार) को खुलेगी और उसी दिन बंद होगी।
  • निवेशक न्यूनतम 468 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। इसके बाद 468 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी।
  • आरएचपी: –https://www.iiflcapital.com/institutionalequities/Upload/InvestmentBanking/Prospects/Acevector_-_RHP.pdf

राष्ट्रीय (NHI) : ऐसवेक्टर लिमिटेड (“AceVector” या “कंपनी”) ने घोषणा की है कि उसके इक्विटी शेयरों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोली/ऑफर 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख 24 सितंबर 2026 (बृहस्पतिवार) होगी।

  • कुणाल बहल — प्रवर्तक और संयुक्त प्रबंध निदेशक, Acevector Limited
  • अचिंत सेतिया — मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), Snapdeal
  • रोहित कुमार बंसल — प्रवर्तक और संयुक्त प्रबंध निदेशक, Acevector Limited
  • भरत वेणिशेट्टी — मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO), Acevector Limited

इस ऑफर में कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले नए इक्विटी शेयरों का निर्गम शामिल है, जिसकी कुल राशि 287 करोड़ रुपये तक होगी। इसे “फ्रेश इश्यू” कहा गया है। इसके अलावा कंपनी के कुछ मौजूदा शेयरधारक 4,15,62,500 इक्विटी शेयर तक की बिक्री पेशकश (ऑफर फॉर सेल) करेंगे। कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त शुद्ध राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से निम्न उद्देश्यों के लिए करेगी: 1. कंपनी के मार्केटप्लेस कारोबार के मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन खर्च के एक हिस्से को पूरा करना। 2. मार्केटप्लेस कारोबार से जुड़े टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को पूरा करना। 3. अधिग्रहण के जरिए गैर-जैविक वृद्धि और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए धन उपलब्ध कराना।

 

कुणाल बहल — प्रवर्तक और संयुक्त प्रबंध निदेशक, Acevector Limited और अचिंत सेतिया — मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), Snapdeal

सेल के तहत स्टारफिश I प्रा. लिमिटेड (प्रमोटर सेलिंग शेयरधारक) 2,76,07,082 शेयर तक बेचेंगे। इसके अलावा नेक्सस इंडिया डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स II 73,91,113 शेयर तक, एफआईएच बिजनेस ग्लोबल प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम वंडरफुल स्टार प्रा. लिमिटेड) 17,40,528 शेयर तक, नेक्सस ऑपर्च्युनिटी फंड लिमिटेड 8,39,713 शेयर तक, नेक्सस वेंचर्स III, लिमिटेड 4,65,599 शेयर तक, रूपेन इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2,69,120 शेयर तक और सेंटोरस ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड 2,69,120 शेयर तक बेचेंगे। ये सभी निवेशक सेलिंग हिस्सेदारी की श्रेणी में हैं। पर्सनल सेलिंग प्रश्नावली में केनेथ स्टुअर्ट ग्लास 13,20,799 शेयर तक, जेसन अशोक कोठारी 11,11,680 शेयर तक, लॉरेंट बर्नार्ड अमौयल 2,24,786 शेयर तक, मीशा कोहली 2,15,280 शेयर तक, राधिका गुप्ता 53,840 शेयर तक और नलिन लुइस मोनिज़ 53,840 शेयर तक शेयर बेचेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बोली 24 सितंबर 2026 (गुरुवार) को खुलेगी और उसी दिन बंद होगी। आम निवेशकों के लिए बोली 25 सितंबर 2026 को खुलेगी और 29 सितंबर 2026 को बंद होगी।

ऑफर का प्राइस बैंड ₹30 से ₹32 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 468 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 468 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। आरएचपी के जरिए पेश किए जाने वाले इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। इस आईपीओ के लिए एनएसई को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।

कुणाल बहल — प्रवर्तक और संयुक्त प्रबंध निदेशक, Acevector Limited

यह आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जा रहा है। सेबी के नियमों के अनुसार, ऑफर का कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजरों के साथ परामर्श करके, क्यूआईबी हिस्से के 60 प्रतिशत तक शेयर एंकर निवेशकों को अपने विवेक के आधार पर आवंटित कर सकती है। 33.33 प्रतिशत घरेलू म्यूचुअल फंड और 6.67 प्रतिशत जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंडों के लिए आरक्षित रहेगा। यदि जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए आरक्षित हिस्से में कम बोली आती है, तो वैध बोली मिलने की स्थिति में शेष शेयर घरेलू म्यूचुअल फंडों को आवंटित किए जा सकते हैं। एंकर निवेशक हिस्से में कम बोली या आवंटन नहीं होने की स्थिति में बचे शेयर नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिए जाएंगे। नेट क्यूआईबी हिस्से का 5 प्रतिशत हिस्सा केवल म्यूचुअल फंडों को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा, बशर्ते ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। शेष नेट क्यूआईबी हिस्से का आवंटन सभी क्यूआईबी, जिसमें म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं, को आनुपातिक आधार पर किया जाएगा। यदि क्यूआईबी को ऑफर का कम से कम 75 प्रतिशत आवंटित नहीं किया जा पाता है, तो पूरी बोली राशि तत्काल वापस कर दी जाएगी। हालांकि, यदि म्यूचुअल फंडों की कुल मांग क्यूआईबी हिस्से के 5 प्रतिशत से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से के लिए उपलब्ध शेष शेयरों को नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़कर सभी क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा। ऑफर का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-संस्थागत बोलीदाताओं के लिए और 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत बोलीदाताओं (आरआईबी) के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इसके लिए ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां मिलना जरूरी होगा।

 

गैर-संस्थागत हिस्से का एक-तिहाई हिस्सा ₹2 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक की बोली राशि वाले निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। दो-तिहाई हिस्सा ₹10 लाख से अधिक की बोली राशि वाले गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। इन दोनों श्रेणियों में से किसी में कम सदस्यता रहने पर, संबंधित शेष शेयरों को दूसरी श्रेणी के गैर-संस्थागत निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है। यह आवंटन सेबी के आईसीडीआर नियमों के अनुसार और ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां मिलने की स्थिति में किया जाएगा। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी संभावित निवेशकों के लिए एएसबीए (ब्लॉक्ड अमाउंट द्वारा सपोर्टेड एप्लीकेशन) प्रक्रिया के माध्यम से आईपीओ में आवेदन करना अनिवार्य है। यूपीआई के जरिए आवेदन करने वाले निवेशकों को अपना एएसबीए खाता और यूपीआई आईडी का विवरण देना होगा। इसके बाद संबंधित बोली राशि निवेशक के खाते में ब्लॉक कर दी जाएगी। यह राशि सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंकों (एससीएसबी) या यूपीआई व्यवस्था के तहत स्पॉन्सर बैंक द्वारा ब्लॉक की जाएगी। एंकर निवेशक एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से आईपीओ में आवेदन नहीं कर सकते। विस्तृत जानकारी आरएचपी के पृष्ठ 509 से शुरू होने वाले “ऑफर प्रोसीजर” खंड में दी गई है। कंपनी के 21 सितंबर 2026 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के माध्यम से इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। यह आरएचपी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली-I, साउथ दिल्ली के पास दाखिल किया गया है।

कंपनी के इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व नाम आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड), सीएलएसए इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सिस्टमैटिक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज लिमिटेड इस ऑफर के बुक रनिंग लीड मैनेजर (बीआरएलएम) हैं। इसमें इस्तेमाल किए गए लेकिन परिभाषित नहीं किए गए सभी बड़े अक्षरों वाले शब्दों का वही अर्थ होगा, जो आरएचपी में दिया गया है।

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