Business

एचपीसीएलने एस. पी. जैन इन्स्टिट्यूट ऑफ मॅनेजमेंट अँड रिसर्च (एसपीजेआयएमआर) येथे इंडिया एनर्जी वीक २०२७च्या मुंबई समांतर कर्टन रेझर कार्यक्रमाचे आयोजन केले

मुंबईतील हा कार्यक्रम कोलकाता येथे आयोजित करण्यात आलेल्या इंडिया एनर्जी वीक २०२७च्या राष्ट्रीय कर्टन रेझर कार्यक्रमाशी थेट जोडलेला होता.

POSTED BY  : MRUNALI SAKPAL DATED ON : 28/09/2026 (8850212023) 📞 

बहुत जलद शुरू होने वाला इंडिया एनर्जी वीक पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हाइड्रोजन ईंधन आदि के लिए आदर्श साबित होगा, ऐसा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस सप्ताह की जानकारी देते हुए कहा। इस अवसर पर कोलकाता और मुंबई में तथा देश में अन्य जगहों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। मुंबई में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के निदेशक के. एस. शेट्टी, विद्या वेंकटरमन तथा अंधेरी के एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रिसर्च के डीन वरुण नागराज और सरदार पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य बी. एन. चौधरी की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम हुआ।

मुंबई का कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय इंडिया एनर्जी वीक 2027 कर्टन रेजर कार्यक्रम से सीधे जुड़ा हुआ था। मुंबई के विभिन्न कॉलेजों के 380 से अधिक छात्रों ने उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों, शिक्षाविदों, स्टार्ट-अप्स और ऊर्जा क्षेत्र के हितधारकों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में भारत के ऊर्जा संक्रमण, ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और युवा प्रतिभाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला गया।

मुंबई (NHI): हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने एस. पी. जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एसपीजेआईएमआर) में इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2027 के मुंबई समानांतर कर्टन रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षाविदों, उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों और स्टार्ट-अप्स को एक साथ लाकर भारत के बदलते ऊर्जा क्षेत्र के बारे में संवाद किया गया।

इस अवसर पर इंडिया एनर्जी वीक के पांचवें संस्करण की औपचारिक घोषणा “नवाचार को बढ़ावा देना। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना। भविष्य को आकार देना।” इस थीम के तहत की गई। राष्ट्रीय कर्टन रेजर कार्यक्रम को माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी और पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने संबोधित किया।

मुंबई के इस कार्यक्रम में श्री के. एस. शेट्टी, निदेशक-मानव संसाधन, एचपीसीएल; श्रीमती श्रीविद्या वेंकटरमन, निदेशक-वित्त, एचपीसीएल; डॉ. वरुण नागराज, डीन और प्रोफेसर, इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड एनालिटिक्स, एसपीजेआईएमआर; साथ ही प्रो. बी. एन. चौधरी, प्राचार्य, सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुंबई सहित सरकारी प्रतिनिधियों, स्टार्ट-अप्स, उद्योग क्षेत्र के हितधारकों और मुंबई के विभिन्न कॉलेजों के 380 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।

इस अवसर पर श्री के. एस. शेट्टी, निदेशक-मानव संसाधन, एचपीसीएल ने कहा: “भारत की ऊर्जा यात्रा एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए और 2070 तक नेट-जीरो की प्रतिबद्धता की ओर बढ़ते हुए, हमें ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्थिरता में एक साथ संतुलन बनाना होगा। इंडिया एनर्जी वीक इस संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराता है। वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी, निवेश और युवा प्रतिभाओं को एक साथ लाते हुए, भारत के विकास के अगले चरण को ऊर्जा देने वाली ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण में यह मंच योगदान दे रहा है।”

श्रीमती श्रीविद्या वेंकटरमन, निदेशक-वित्त, एचपीसीएल ने नई तकनीकों को केवल आइडिया और प्रोटोटाइप के चरण से आगे ले जाकर पायलट प्रोजेक्ट तथा औद्योगिक स्तर पर कार्यान्वयन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक अवसर और सहयोगी तंत्र विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: “किसी इनोवेशन को औद्योगिक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले तकनीक में बदलने के लिए केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है; इसके लिए विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचा, पायलट प्रोजेक्ट के अवसर और नए समाधानों का परीक्षण कर उन्हें अपनाने के लिए तैयार उद्योग भागीदारों तक पहुंच आवश्यक है। MC² और MC²+ IGNITE जैसे उपक्रम इस अंतर को पाटने का प्रयास करते हैं, क्योंकि वे डीप-टेक इनोवेटर्स को ऊर्जा उद्योग से जोड़ते हैं।”

इस कार्यक्रम से 380 से अधिक छात्रों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र के साथ सीधे संवाद करने तथा ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण, प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्यमिता और नीतियों से संबंधित विषयों को समझने का अवसर मिला। वरिष्ठ उद्योग नेतृत्व, शिक्षाविदों, सरकारी प्रतिनिधियों और स्टार्ट-अप्स के बीच हुए संवाद से छात्रों को ऊर्जा इकोसिस्टम में उभरते अवसरों को समझने का मौका भी मिला।

इसके बाद मुंबई में मौजूद दर्शक कोलकाता से चल रहे राष्ट्रीय कार्यक्रम से सीधे जुड़ गए और उन्होंने माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री तथा पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों और ऊर्जा क्षेत्र के हितधारकों को संबोधित करते हुए देखा। इंडिया एनर्जी वीक 2027 का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 के दौरान कोलकाता में प्रस्तावित है। “नवाचार को नई दिशा। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना। भविष्य को आकार देना।” इस थीम के तहत आयोजित कर्टन रेजर कार्यक्रम ने ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक संवाद के लिए मंच तैयार किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!