Business

यह प्रदर्शनी भारत के टूलिंग उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति मंच के रूप में उभर रही है।

मुंबई के गोरेगांव स्थित बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में 21 अप्रैल 2026 को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ है |

POSTED BY  : ANAGHA SAKPAL DATED ON 21/04/2026 ( 9004379946 )

डीएमआई  : जहां नवाचार और अवसरों का संगम मुंबई  डाई एंड मोल्ड इंडिया इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन 2026 (DMI 2026) के माध्यम से चार दिनों तक चलने वाले नवाचार, संवाद और नई संभावनाओं के महापर्व की शुरुआत हो गई है। प्रदर्शकों द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है और आगंतुक नई सोच व विचारों से जुड़ रहे हैं। यह प्रदर्शनी भारत के टूलिंग उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति मंच के रूप में उभर रही है।

मुंबई के गोरेगांव स्थित बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में 21 अप्रैल 2026 को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। टूल एंड गेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAGMA) द्वारा आयोजित इस आयोजन में डाई और मोल्ड उद्योग की नवीनतम तकनीकी प्रगति प्रदर्शित की जा रही है। साथ ही उद्योग की चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डालते हुए टूलमेकरों को यूज़र इंडस्ट्री से सीखने का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है।

चार दिवसीय इस प्रदर्शनी में अग्रणी टूलमेकर, तकनीकी प्रदाता और विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें डाई-मोल्ड तकनीक, CNC मशीनिंग, ऑटोमेशन और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग में हो रही प्रगति को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ‘मेकइंडियापहल

द्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कोल्हटकर उपस्थित रहे। इसके साथ ही सैन्सेरा इंजीनियरिंग लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं एयरोस्पेस इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष एफ. आर. सिंहवी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनम्र मिश्रा तथा FADMA के अध्यक्ष हेक्टर यू. विलानुएवा भी मौजूद थे। TAGMA इंडिया के अध्यक्ष देवराया एम. शेरेगर और उपाध्यक्ष डी. शन्मुगसुंदरम सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। दीप प्रज्वलन के साथ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।

उद्घाटन अवसर पर देवराया शेरेगर ने कहा, “इस वर्ष का आयोजन अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है। तीन हॉल में 350 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं और अगले तीन दिनों में 35,000 से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। यह प्रदर्शनी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उद्योग के लिए विचारों के आदान-प्रदान और साझेदारी का महत्वपूर्ण मंच है।”

टूलिंग उद्योग की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में उद्योग में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। ऑर्डर बुक, उत्पादन क्षमता और उन्नत तकनीकों में निवेश बढ़ा है। भारतीय टूलमेकर अब घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए एफ. आर. सिंहवी ने कहा, “उद्योग की वास्तविक प्रगति कुशल मानव संसाधन पर निर्भर करती है। कर्मचारियों का प्रशिक्षण, उनका संरक्षण और उचित मार्गदर्शन ही उद्योग की वृद्धि का आधार है।” उन्होंने कौशल की कमी से उत्पन्न चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।

एमएसएमई क्षेत्र के योगदान पर विनम्र मिश्रा ने बताया कि देश के आर्थिक विकास में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। निर्यात में 45% और विनिर्माण में 37% योगदान देने वाला यह क्षेत्र लगभग 8.1 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है और देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है।

नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए हेक्टर विलानुएवा ने कहा, “स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, CNC तकनीक और ऑटोमेशन के कारण उद्योग में बड़ा परिवर्तन हो रहा है, जिससे उत्पादकता, सटीकता और स्थायित्व में वृद्धि हो रही है।”

ऑटोमोबाइल उद्योग में अवसरों का उल्लेख करते हुए मनोज कोल्हटकर ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वर्ष 2025-26 में देश में 5.5 मिलियन यात्री वाहन, 27 मिलियन दोपहिया वाहन और बड़ी संख्या में वाणिज्यिक वाहनों का उत्पादन हुआ। इसके बावजूद टूलिंग क्षेत्र में लगभग 35% आयात पर निर्भरता बनी हुई है, जो उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर है।

कार्यक्रम के अंत में डी. शन्मुगसुंदरम ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह प्रदर्शनी केवल वर्तमान उपलब्धियों का प्रतीक नहीं, बल्कि आने वाले दशक में उद्योग की दिशा को भी दर्शाती है।” उन्होंने FADMA के विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया।

1998 से TAGMA इंडिया द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी आज देश के टूलिंग उद्योग का सबसे बड़ा मंच बन चुकी है। इसमें डाई और मोल्ड, CNC मशीनिंग, CAD/CAM, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, मोल्डिंग मशीन, कटिंग टूल्स और मापन प्रणालियों सहित कई क्षेत्रों का समावेश है।

2024 में आयोजित प्रदर्शनी में 15 से अधिक देशों के 300 से ज्यादा प्रदर्शक और 38,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए थे। 35 से अधिक उत्पाद लॉन्च, B2B पवेलियन और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी ने इसे वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।

DMI 2026 प्रदर्शनी भारत के टूलिंग उद्योग के भविष्य के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है और नवाचार तथा सहयोग के माध्यम से उद्योग को नई दिशा प्रदान कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!