
POSTED BY : MRUNALI SAKPAL DT. 12/08/2026 📞 8850212023
- इश्यू का न्यूनतम मूल्य इक्विटी शेयर के ₹10 अंकित मूल्य का 5.70 गुना, जबकि अधिकतम मूल्य 6.00 गुना है।
- बोली/प्रस्ताव सोमवार, 17 अगस्त 2026 को खुलेगा और बुधवार, 19 अगस्त 2026 को बंद होगा। इन्हें “बोली तिथियां” कहा गया है।
- एंकर निवेशकों के लिए बोली/प्रस्ताव अवधि शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को होगी।
- निवेशक न्यूनतम 250 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं और इसके बाद 250 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी।
- कंपनी ने डीआरएचपी दाखिल करने से पहले दिसंबर 2025 में निजी प्लेसमेंट के जरिये ₹1,650 करोड़ की प्राथमिक पूंजी जुटाई थी। इसमें 360 वन, एसबीआई लाइफ, राधाकिशन दमानी समेत अन्य निवेशकों ने भाग लिया था।
- रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी): https://www.jmfl.com/Common/getFile/5906

मुंबई NHI.IN : होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स लिमिटेड (“कंपनी”) अपने इक्विटी शेयरों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत सोमवार, 17 अगस्त 2026 को बोली/प्रस्ताव शुरू करेगी।
इश्यू का मूल्य दायरा ₹57 से ₹60 प्रति इक्विटी शेयर निर्धारित किया गया है।
निवेशक न्यूनतम 250 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं और उसके बाद 250 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। इसे “न्यूनतम बोली लॉट” कहा गया है।
एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 होगी। सामान्य बोली/प्रस्ताव सोमवार, 17 अगस्त 2026 को खुलेगा।
यह इश्यू पूरी तरह नए इक्विटी शेयरों का है, जिसकी कुल राशि ₹26,000 मिलियन यानी ₹2,600 करोड़ तक है। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य ₹10 है।
ब्लैकस्टोन के रियल एस्टेट, भारत प्रमुख आशीष मोहता ने कहा, “हमें भारत का पहला इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स-केंद्रित आईपीओ लॉन्च करने की खुशी है। यह ब्लैकस्टोन के लिए देश में 15वां आईपीओ और सातवीं रियल एस्टेट लिस्टिंग भी है। यह भारतीय पूंजी बाजारों में नवाचार को बढ़ावा देने और हमारे निवेशकों के लिए अवसरों का विस्तार करने के हमारे प्रयासों की निरंतरता है। हमें गर्व है कि हमने होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स को भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है, जिसके पास उच्च गुणवत्ता वाली परिसंपत्तियां और प्रतिष्ठित किरायेदार हैं तथा जो आर्थिक विकास के एक महत्वपूर्ण आधार को मजबूत करता है।”
होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स के सीईओ उर्विश रामभिया ने कहा, “यह आईपीओ होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। महज छह वर्षों में हमने ब्लैकस्टोन के वैश्विक पैमाने, क्षेत्र के गहरे अनुभव और मजबूत परिचालन क्षमताओं के समर्थन से खुद को भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है। इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विनिर्माण और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। हम भारत की अगली विकास यात्रा के लिए आवश्यक आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं का निर्माण जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।”
कंपनी नए इश्यू से प्राप्त शुद्ध राशि का इस्तेमाल निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए करेगी:
- कंपनी द्वारा लिए गए कुछ ऋणों के आंशिक या पूर्ण पुनर्भुगतान और/या पूर्व भुगतान के लिए।
- कंपनी की कुछ पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों द्वारा लिए गए ऋणों के आंशिक या पूर्ण पुनर्भुगतान और/या पूर्व भुगतान के लिए।
- सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के माध्यम से पेश किए जाने वाले इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। इस इश्यू के लिए एनएसई को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।
जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड), एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड और 360 वन डब्ल्यूएएम लिमिटेड इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। यह इश्यू एससीआरआर के नियम 19(2)(b) और सेबी आईसीडीआर विनियम के विनियम 31 के तहत लाया जा रहा है। यह इश्यू बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से सेबी आईसीडीआर विनियम के विनियम 6(2) के अनुसार होगा। सेबी आईसीडीआर विनियम के विनियम 32(2) के तहत नेट इश्यू का कम से कम 75% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) से परामर्श के बाद, क्यूआईबी हिस्से के अधिकतम 60% हिस्से को एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है।
एंकर निवेशक हिस्से के 40% हिस्से में 33.33% हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए आरक्षित होगा। 6.67% हिस्सा जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए आरक्षित होगा।
यह आरक्षण सेबी आईसीडीआर विनियम के अनुसार संबंधित निवेशकों से एंकर निवेशक आवंटन मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होने के अधीन होगा।
यदि जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए आरक्षित एंकर निवेशक हिस्से में सदस्यता कम रहती है, तो बचा हुआ हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंडों को आवंटित किया जा सकेगा। एंकर निवेशक हिस्से में कम सदस्यता या आवंटन नहीं होने की स्थिति में बची हुई इक्विटी शेयरों को नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, नेट क्यूआईबी हिस्से का 5% केवल म्यूचुअल फंडों को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। शेष नेट क्यूआईबी हिस्सा म्यूचुअल फंड समेत अन्य सभी योग्य संस्थागत खरीदारों (एंकर निवेशकों को छोड़कर) के लिए आनुपातिक आधार पर उपलब्ध होगा, बशर्ते इश्यू मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। यदि म्यूचुअल फंडों की कुल मांग नेट क्यूआईबी हिस्से के 5% से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए बची इक्विटी शेयरों को शेष नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़कर क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, नेट इश्यू का 15% से अधिक हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईबी) के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इसमें: एक-तिहाई हिस्सा ₹2 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। दो-तिहाई हिस्सा ₹10 लाख से अधिक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। इनमें से किसी उप-श्रेणी में बिना सब्सक्राइब रह जाने वाले हिस्से को सेबी आईसीडीआर विनियम के अनुसार एनआईबी की दूसरी उप-श्रेणी के निवेशकों को आवंटित किया जा सकेगा। वहीं, नेट इश्यू का 10% से अधिक हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईबी) के लिए उपलब्ध नहीं होगा। यह आवंटन सेबी आईसीडीआर विनियम के अनुसार इश्यू मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होने के अधीन होगा। कर्मचारी आरक्षण हिस्से में बोली लगाने वाले पात्र कर्मचारियों को इक्विटी शेयर आनुपातिक आधार पर आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए इश्यू मूल्य या कर्मचारी छूट, यदि कोई हो, को घटाने के बाद निर्धारित मूल्य पर वैध बोली प्राप्त होना आवश्यक होगा। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी निवेशकों के लिए एएसबीए प्रक्रिया का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। निवेशकों को अपने संबंधित एएसबीए खाते और, यूपीआई के माध्यम से आवेदन करने वाले निवेशकों के मामले में, यूपीआई आईडी का विवरण देना होगा। इसके बाद संबंधित बोली राशि को एससीएसबी के माध्यम से या लागू होने की स्थिति में यूपीआई प्रणाली के तहत ब्लॉक किया जाएगा। एंकर निवेशकों को इस इश्यू के एंकर निवेशक हिस्से में एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।
Horizon Industrial Parks Limited – सारांश
Horizon Industrial Parks क्षेत्रफल के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी Industrial और Logistics Infrastructure डेवलपर, मालिक और ऑपरेटर कंपनी है।
Horizon भारत के E-commerce, Manufacturing और Retail की ग्रोथ के लिए Warehouses, Factories और In-City Logistics Hubs बनाती और चलाती है।



