प्रधानमंत्री मोदी के ‘हर घर स्वदेशी’ संदेश को जेन-जी तक पहुंचाने के लिए मुंबई में ‘खादी महोत्सव-2026’ का आयोजन
12 राज्यों की 77 संस्थाओं की भागीदारी, खादी पर 20% तक छूट; 'बात खादी की' पॉडकास्ट से जेन-जी को जोड़ने की पहल

POSTED BY (ANAGHA SAKPAL) ON DT 18/10/2026 (90043279946)
मुंबई, 16 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ संदेश को युवा पीढ़ी यानी जेनरेशन-जेड तक पहुंचाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा मुंबई के विले पार्ले स्थित केंद्रीय कार्यालय में ‘खादी महोत्सव-2026’ का आयोजन किया गया है।
महोत्सव का उद्घाटन KVIC के अध्यक्ष मनोज गोयल के हाथों हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन को नई पीढ़ी से जोड़ना समय की जरूरत है। महात्मा गांधी ने खादी को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था, अब पीएम मोदी के विजन से इसे आधुनिक फैशन, डिजिटल मार्केट और युवा उद्यमिता से जोड़ना है।
यह महोत्सव 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें खादी उत्पादों पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% की विशेष छूट दी जा रही है। देश के 12 राज्यों – गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान की 77 संस्थाएं 77 स्टॉल के माध्यम से भाग ले रही हैं। इनमें 36 खादी, 33 पीएमईजीपी और 8 ग्रामोद्योग से जुड़ी संस्थाएं शामिल हैं।
प्रदर्शनी में खादी कॉटन, सिल्क खादी, पॉली-खादी, रेडीमेड कपड़े, हर्बल प्रोडक्ट, साबुन, अगरबत्ती, मसाले, चमड़ा उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, आंवला उत्पाद और फुलकारी कला सहित सैकड़ों स्वदेशी उत्पाद उपलब्ध हैं।
अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा, “हर घर स्वदेशी सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है, यह भारतीय उत्पादों पर गर्व और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मंत्र है। आज की युवा पीढ़ी फैशन, डिजाइन और टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक है। वह खादी की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग से इसे ग्लोबल बना सकती है।”
जेन-जी को जोड़ने के लिए KVIC ने ‘बात खादी की’ नाम से पॉडकास्ट सीरीज भी शुरू की है, जो खादी की विरासत, आधुनिक फैशन और युवा उद्यमिता पर संवाद करेगी।
गोयल ने बताया कि पीएम मोदी की नीतियों से खादी क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा और 2.04 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला। आने वाले वर्षों में यह कारोबार 2.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि ‘लोकल से ग्लोबल’ के सफर में क्वालिटी, आधुनिक डिजाइन और डिजिटल बाजार की भूमिका अहम होगी, और इसमें युवाओं की भागीदारी से ‘विकसित भारत @2047’ का सपना साकार होगा।





