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पारस हेल्थकेयर लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर, 2026 बुधवार को खुलेगा

इक्विटी शेयरों के लिए मूल्य दायरा 660 से 693 रुपये प्रति शेयर तय

MRUNALI SAKPAL DATED ON  : 15/10/2026  (8850212023) 📞
  • न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) इक्विटी शेयरों के अंकित मूल्य (प्रति शेयर एक रुपये) का 660 गुना और अधिकतम मूल्य (कैप प्राइस) 693 गुना है।
  • बोली/प्रस्ताव 21 अक्टूबर, 2026, बुधवार को खुलेगा और 23 अक्टूबर, 2026, शुक्रवार को बंद होगा (बोली की तिथियां)।
  • एंकर निवेशकों के लिए बोली/प्रस्ताव की अवधि 19 अक्टूबर, 2026, सोमवार को होगी।
  • न्यूनतम 21 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकती है। इसके बाद 21 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी (बोली की संख्या)।
  • आरएचपी लिंक: https://www.jmfl.com/Common/getFile/6104 

Mumbai (NHI) : पारस हेल्थकेयर लिमिटेड (कंपनी) अपने इक्विटी शेयरों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से संबंधित बोली/प्रस्ताव की प्रक्रिया बुधवार, 21 अक्टूबर, 2026 को शुरू करेगी। निवेशक न्यूनतम 21 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इसके बाद 21 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी (न्यूनतम बोली लॉट)।

(बाएँ से दाएँ)
योगेश हेड़े – कार्यकारी निदेशक, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड।
दिलीप बिदानी – समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी, पारस हेल्थकेयर लिमिटेड।
डॉ. धर्मिंदर कुमार नागर – प्रबंध निदेशक, पारस हेल्थकेयर लिमिटेड।
सायंतन भट्टाचार्य – एसोसिएट, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया लिमिटेड।
प्रीति सहाय – हेल्थकेयर एवं फार्मा क्षेत्र की निदेशक, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड।

एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख सोमवार, 19 अक्टूबर, 2026 होगी। वहीं, बोली/प्रस्ताव बुधवार, 21 अक्टूबर, 2026 को खुलेगा। इस निर्गम में 500 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, विक्रय शेयरधारक की ओर से 950 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश (ऑफर फॉर सेल) की जाएगी। इस तरह निर्गम का कुल आकार 1,450 करोड़ रुपये तक होगा। प्रत्येक इक्विटी शेयर का अंकित मूल्य एक रुपये है।

(बाएँ से दाएँ)
दिलीप बिदानी – समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी, पारस हेल्थकेयर लिमिटेड।
डॉ. धर्मिंदर कुमार नागर – प्रबंध निदेशक, पारस हेल्थकेयर लिमिटेड।

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के माध्यम से पेश किए जाने वाले एक रुपये अंकित मूल्य के इक्विटी शेयर बीएसई लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) में सूचीबद्ध किए जाने प्रस्तावित हैं। इन दोनों को संयुक्त रूप से स्टॉक एक्सचेंज कहा गया

कंपनी निर्गम से प्राप्त राशि का इस्तेमाल निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए करने का प्रस्ताव रखती है : 

  • कंपनी की ओर से लिए गए कुछ बकाया कर्जों का पूरा या आंशिक रूप से समय से पहले भुगतान अथवा निर्धारित समय के अनुसार पुनर्भुगतान करना।
  • अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी प्लस मेडिकेयर हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड (पीएमएचपीएल) में निवेश करना। यह कंपनी श्रीनगर में भी अपना अस्पताल संचालित करती है। निवेश की राशि का इस्तेमाल पीएमएचपीएल के कर्जों का पूरा या आंशिक रूप से समय से पहले भुगतान अथवा पुनर्भुगतान करने के लिए किया जाएगा।
  • सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए राशि का इस्तेमाल करना।

यह निर्गम संशोधित प्रतिभूति संविदा (विनियमन) नियम, 1957 के नियम 19(2)(बी) के तहत किया जा रहा है। इसके साथ ही, यह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूंजी निर्गम और प्रकटीकरण आवश्यकताएं विनियम, 2018 के विनियम 31 के अनुरूप है। इन नियमों और विनियमों में समय-समय पर किए गए संशोधन भी लागू होंगे। यह निर्गम सेबी के पूंजी निर्गम और प्रकटीकरण आवश्यकताएं विनियम, 2018 के विनियम 6(2) के अनुपालन में बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत निर्गम के कम से कम 75 प्रतिशत हिस्से का आवंटन योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) को आनुपातिक आधार पर किया जाएगा। इस हिस्से को क्यूआईबी हिस्सा कहा जाएगा। हालांकि, कंपनी बुक रनिंग लीड मैनेजरों (बीआरएलएम) से परामर्श करके सेबी के नियमों के अनुसार क्यूआईबी हिस्से का अधिकतम 60 प्रतिशत हिस्सा एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है। इसे एंकर निवेशक हिस्सा कहा जाएगा। एंकर निवेशक हिस्से के 40 प्रतिशत भाग को निम्नलिखित तरीके से आरक्षित रखा जाएगा: (i) 33.33 प्रतिशत हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए और (ii) 6.67 प्रतिशत हिस्सा जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए। हालांकि, इसके लिए घरेलू म्यूचुअल फंडों, जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों से उस कीमत पर या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना आवश्यक होगा, जिस कीमत पर एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित किए जाएंगे। इस कीमत को एंकर निवेशक आवंटन मूल्य कहा जाएगा। यदि जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए आरक्षित एंकर निवेशक हिस्से के 6.67 प्रतिशत भाग के लिए पर्याप्त बोलियां नहीं मिलती हैं, तो इस हिस्से का आवंटन घरेलू म्यूचुअल फंडों को किया जा सकता है। यदि एंकर निवेशक हिस्से में सब्सक्रिप्शन कम रहता है या कोई आवंटन नहीं होता है, तो शेष इक्विटी शेयर क्यूआईबी के बाकी हिस्से में जोड़ दिए जाएंगे। इस शेष हिस्से को शुद्ध क्यूआईबी हिस्सा कहा जाएगा।

इसके अलावा, शुद्ध क्यूआईबी हिस्से का 5 प्रतिशत भाग केवल म्यूचुअल फंडों को आनुपातिक आधार पर आवंटित करने के लिए उपलब्ध होगा। शेष शुद्ध क्यूआईबी हिस्से का आवंटन म्यूचुअल फंडों सहित सभी योग्य संस्थागत खरीदारों को आनुपातिक आधार पर किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव मूल्य या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना आवश्यक होगा। यदि निर्गम के कम से कम 75 प्रतिशत शेयर योग्य संस्थागत खरीदारों को आवंटित नहीं किए जा सके, तो आवेदन की पूरी राशि तत्काल वापस कर दी जाएगी। हालांकि, यदि म्यूचुअल फंडों से कुल मांग शुद्ध क्यूआईबी हिस्से के 5 प्रतिशत से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध शेष इक्विटी शेयरों को शुद्ध क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद इनका आनुपातिक आधार पर योग्य संस्थागत खरीदारों को आवंटन किया जाएगा।

इसके अलावा, सेबी के पूंजी निर्गम और प्रकटीकरण आवश्यकताएं विनियमों के अनुसार निर्गम का अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईबी) के लिए उपलब्ध होगा। इसमें (क) एक-तिहाई हिस्सा 2 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा तथा (ख) दो-तिहाई हिस्सा 10 लाख रुपये से अधिक के आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। यदि इन दोनों उप-श्रेणियों में से किसी एक में पर्याप्त बोलियां नहीं मिलती हैं, तो उस श्रेणी का बिना सब्सक्राइब हुआ हिस्सा दूसरी उप-श्रेणी के निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है। इसके लिए प्रस्ताव मूल्य या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना आवश्यक होगा। निर्गम का अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईबी) के लिए उपलब्ध होगा। इस हिस्से के तहत भी प्रस्ताव मूल्य या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना आवश्यक है। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी निवेशकों के लिए ब्लॉक्ड अमाउंट के माध्यम से समर्थित आवेदन (एएसबीए) प्रक्रिया का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। इसके तहत निवेशकों को अपने संबंधित एएसबीए खातों का विवरण देना होगा। यूपीआई माध्यम से आवेदन करने वाले निवेशकों को अपनी यूपीआई आईडी भी उपलब्ध करानी होगी। इस प्रक्रिया में संबंधित आवेदन राशि को एससीएसबी बैंकों या यूपीआई व्यवस्था के तहत लागू स्थिति में प्रायोजक बैंकों द्वारा ब्लॉक कर दिया जाएगा, ताकि निवेशक इस निर्गम में भाग ले सकें। एंकर निवेशकों को एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से इस निर्गम में आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।

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