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किडज़ेनिया इंडिया और मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन ने मिलकर बच्चों में दया, हमदर्दी और रचनात्मकता की भावना जगाने की पहल की

100 से अधिक रोल-प्ले गतिविधियों को शिक्षा जगत के अनुभवी लोगों और बाल विशेषज्ञों ने तैयार किया गया है ताकि बच्चों में ज़रूरी कौशल और अच्छे संस्कार विकसित हो सकें।

POSTED BY  : ANAGHA SAKPAL DATED ON 05/06/2026 ( 9004379946 )

मुंबई ( NHI.COM ) : किडज़ेनिया इंडिया पूरी दुनिया में एडुटेनमेंट के क्षेत्र में सबसे आगे है, जिसने बच्चों और युवाओं के लिए काम करने वाले भारत के बड़े गैर-लाभकारी संगठनों में से एक, मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत किडज़ेनिया मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में ग्रीटिंग कार्ड निर्माण केंद्र की शुरुआत की गई है।

इस पहल के जरिए बच्चों को एक रचनात्मक और नेक इरादे से जुड़ी गतिविधि में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, जिसमें वे अपने विचारों को व्यक्त करते हुए मैजिक बस से जुड़े जरूरतमंद बच्चों के लिए उम्मीद, हौसले और खुशियों भरे ग्रीटिंग कार्ड बनाएंगे। खेल-खेल में गहरी बात सिखाने वाले इस बेहतरीन अनुभव से बच्चों के मन में दूसरों के प्रति हमदर्दी, सामाजिक समझ, और दया की भावना पैदा होगी, साथ ही वे समाज के पिछड़े तबके के लोगों को साथ लेकर चलने की अहमियत भी समझेंगे।

इसे चार साल और उससे ज़्यादा उम्र के बच्चों को व्यावहारिक और मज़ेदार अनुभव देने वाले केंद्र के तौर पर डिज़ाइन किया है जहां उन्हें खेल-खेल में कला और रचनात्मकता के जरिए अपनी भावनाओं को जाहिर करने का अवसर मिलेगा। किडज़ेनिया के ज़ूपरवाइज़र्स की देखरेख में, बच्चे रंग-बिरंगी चीज़ों और दिल को छू लेने वाले संदेशों का इस्तेमाल करके अपने लिए खास कार्ड बनाएँगे, और इस तरह वे सीखेंगे कि कैसे छोटी-छोटी कोशिशें दूसरों के प्रति प्यार और अपनेपन को जताने का एक बड़ा जरिया बन सकती हैं। 

लॉन्च के मौके पर, किडज़ेनिया इंडिया के चीफ़ बिज़नेस ऑफ़िसर, तरनदीप सिंह सेखों ने कहा, किडज़ेनिया में रोल-प्ले के तौर पर शुरू की गई मैजिक बस ग्रीटिंग कार्ड मेकर गतिविधि बेहद मायने रखती है, क्योंकि यह बच्चों को खेल-खेल में और रचनात्मक अनुभव के ज़रिए दूसरों के लिए हमदर्दी, दया की भावना और सामाजिक ज़िम्मेदारी निभाने की अहमियत को समझने के लिए प्रेरित करती है। जरूरतमंद बच्चों के लिए ग्रीटिंग कार्ड बनाकर, बच्चे न केवल अपनी कला का हुनर दिखाते हैं, बल्कि दूसरों की मदद करने से मिलने वाली खुशी का भी अनुभव करते हैं। किडज़ेनिया में, हम मानते हैं कि रोल-प्ले गतिविधि सिर्फ़ मनोरंजन से कहीं बढ़कर है, क्योंकि इसके जरिए बच्चे दुनिया को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और उसे बेहतर बनाने में अपना सही योगदान देना सीख सकते हैं। मैजिक बस के साथ इस साझेदारी के जरिए हमें एक ऐसी गतिविधि तैयार करने में मदद मिली है, जो दिलचस्प और मज़ेदार होने के साथ-साथ नेक मकसद से भी जुड़ी है।” 

इस मौके पर मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के ग्लोबल सीईओ, जयंत रस्तोगी ने कहा, मैजिक बस में, हमारा मानना ​​है कि दूसरों के प्रति हमदर्दी और रचनात्मकता जैसे ज़रूरी जीवन कौशल बचपन में ही सबसे अच्छी तरह सिखाए जा सकते हैं। हम किडज़ेनिया के साथ मिलकर एक ऐसा मजेदार माहौल तैयार कर रहे हैं, जहाँ बच्चे अपनी कला का हुनर दिखाने के साथ-साथ दूसरों के प्रति दया का भाव रखना, सबको साथ लेकर चलना और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी सीख सकते हैं। खेल-खेल में मिलने बल्कि इस गहरी सीख से बच्चे यह समझ पाएंगे कि एक बेहतर और बराबरी के दर्जे वाले समाज को बनाने में हर एक इंसान क्या भूमिका निभा सकता है। हमें उम्मीद है कि हमारे इस प्रयास को देखकर दूसरे संगठनों को भी साथ आने, साथ मिलकर असर डालने और बड़े पैमाने पर ज़रूरतमंद समुदायों के लिए काम करने की प्रेरणा मिलेगी।”

खेल-खेल में बच्चों को सिखाने वाली यह गतिविधि उनके भीतर रचनात्मकता जगाने के साथ-साथ उनके मन में दया, हमदर्दी, सामाजिक समझ और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने जैसे गुणों को बढ़ावा देगी। इस लॉन्च के साथ, किडज़ेनिया बच्चों को रचनात्मकता और असल जिंदगी के अनुभवों के साथ उन्हें सच्ची सीख और संस्कार देने की अपनी कोशिश को और मजबूत कर रहा है, वहीं मैजिक बस ने बच्चों में हमदर्दी की भावना जगाने, उनके सही तरीके से विकास, और सबको साथ लेकर चलने के अपने उद्देश्य को एक व्यावहारिक अनुभव के रूप में सामने लाने पर ध्यान दिया है।

 

किडज़ेनिया का परिचय

किडज़ेनिया पूरे परिवार के भरपूर मनोरंजन के साथ-साथ इंटरएक्टिव तरीके से बच्चों को सिखाने का एक अनोखा केंद्र है, जहाँ वे असल जिंदगी की गतिविधियों का रोल प्ले करके सशक्त महसूस करते हैं, प्रेरणा पाते हैं और सीखते हैं। यहाँ का माहौल बिल्कुल शहर की तरह है जिसमें पक्की सड़कें, गाड़ियां, इमारतें, अपनी अर्थव्यवस्था और मुद्रा है। किडज़ेनिया वास्तविकता और मनोरंजन को मिलाकर एक ऐसा बेहतरीन मंच तैयार करता है, जहाँ बच्चे अलग-अलग तरह के करियर, पैसे के प्रबंधन और जीवन जीने के महत्वपूर्ण कौशल सीखते हैं।

100 से अधिक रोल-प्ले गतिविधियों को शिक्षा जगत के अनुभवी लोगों और बाल विशेषज्ञों ने तैयार किया गया है ताकि बच्चों में ज़रूरी कौशल और अच्छे संस्कार विकसित हो सकें। ‘पर्पस पार्टनर्स’ इन अनुभवों को दिल की गहराइयों में उतरने वाले और ब्रांड से संबंधित रोल-प्ले के ज़रिए और बेहतर बनाते हैं, जिससे किडज़ेनिया बिल्कुल अनोखा और स्थायी जुड़ाव वाला प्लेटफॉर्म बन जाता है। किडज़ेनिया दुनिया भर में 21 देशों के 27 शहरों में मौजूद है, और यह भारत में मुंबई तथा दिल्ली एनसीआर में अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहा है।

अधिक जानकारी के लिए देखें KidZania India.

मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन का परिचय:

मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भारत के कुछ सबसे बड़े एनजीओ में से एक है। 1999 से, इस संगठन ने बड़े पैमाने पर समाज के हर तबके के विकास के लिए चलाए जा रहे अपने कार्यक्रमों के जरिए पूरे भारत में 50 लाख से अधिक युवाओं के जीवन को संवारा है।

मैजिक बस ज़रूरी सुविधाओं से वंचित समुदाय के लोगों के लिए काम करने वाला संगठन है, ताकि वहाँ के युवा अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें, जिंदगी में काम आने वाले जरूरी हुनर और रोज़गार के कौशल सीख सकें, और आजीविका के स्थायी अवसर पा सकें। इसके कार्यक्रम मुख्य रूप से इस उद्देश्य के साथ तैयार किए गए हैं कि लंबे समय में कमजोर तबके के युवा आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनें, साथ ही पूरा समाज गरीबी के जाल से हमेशा के लिए बाहर निकल सके।

किशोर कार्यक्रम के तहत 12–18 वर्ष की आयु के किशोरों को जीवन कौशल शिक्षा, बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN), STEAM शिक्षण तथा भविष्य के लिए तैयार कौशल के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे इस कार्यक्रम को 10 राज्य सरकारों और नीति आयोग के साथ साझेदारी के माध्यम से और मजबूत बनाया गया है। अब तक यह 40 लाख से ज्यादा किशोरों को इस कार्यक्रम का लाभ मिला है, जिनमें 52% लड़कियाँ हैं। वहीं इस संगठन का आजीविका कार्यक्रम 18–25 वर्ष की आयु के युवाओं को ऐसे जीवन और रोज़गार कौशल सिखाता है जिनका उपयोग वे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी पाने के लिए कर सकते हैं। इससे हर साल 3.5 लाख से ज्यादा युवाओं को फायदा मिल रहा है और 84% से अधिक युवा स्थायी रोज़गार प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं, जिनमें 60% लड़कियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम ग्रामीण इलाकों तथा छोटे शहरों के आस-पास रहने वाले लोगों को लीडरशिप और बिजनेस के लिए जरूरी हुनर सिखाकर खुद का काम शुरू करने में मदद करता है। इसके जरिए 2,455 से ज्यादा लोग नए उद्यमी बने हैं, जिनमें 96% महिलाएं हैं।

अधिक जानकारी के लिए देखें  : https://www.magicbus.org/

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